5.30 बजे परीक्षा खत्म और 5.35 पर रिजल्ट घोषित, कर्नाटक की यूनिवर्सिटी में कैसे हुई 5 मिनट में कॉपी चेकिंग?

यूनिवर्सिटी ने साल 2022-23 के छठे सेमेस्टर (41,835 छात्र) में जहां 10 दिनों के अंदर परिणाम घोषित कर दिया गया था, अगले 2 साल 2023-24 और 2024-25 में भी 10 या 11 दिनों में परीणाम घोषित किए गए. लेकिन 2025 (फाइनल साल) में महज 1 घंटे में परिणाम घोषित कर दिया गया.

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच कर्नाटक की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU) ने परीक्षा के बाद परिणाम घोषित करने के मामले में अपने सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए. यूनिवर्सिटी ने मंगलवार को आखिरी पेपर खत्म होने के महज 5 मिनट बाद ही बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) और बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (BTech) के छठे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित करके नया कीर्तिमान रच दिया.
यह परिणाम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर एस. विद्याशंकर और रजिस्ट्रार (मूल्यांकन) प्रोफेसर यू. जे. उज्ज्वल ने संयुक्त रूप से जारी किए. राज्य भर से कुल 60,856 छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हुए और इसमें पास प्रतिशत 76.84% का रहा.

चंद मिनटों में कैसे हो गया मूल्यांकन

यूनिवर्सिटी में मंगलवार को शाम 5:30 बजे आखिरी प्रैक्टिकल परीक्षा खत्म हुई और इसके महज 5 मिनट बाद ही शाम 5:35 तक पूरा परिणाम ऑनलाइन जारी कर दिया गया. इस तरह से परीक्षा के मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया पिछले शैक्षणिक वर्ष की तुलना में 21 दिन पहले ही पूरी कर ली गई.

यह समझने के लिए कि कोई यूनिवर्सिटी चंद मिनटों में ही हजारों इंजीनियरिंग छात्रों का मूल्यांकन कैसे कर सकता है, VTU अधिकारियों ने बताया कि इसका राज डिजिटल इंटीग्रेशन और शेड्यूलिंग में छिपा हुआ है.

थ्योरी फेज: इंजीनियरिंग के छठे सेमेस्टर की थ्योरी की परीक्षाएं 18 मई से 17 जून के बीच कराई गईं. चूंकि यूनिवर्सिटी पूरी तरह से डिजिटल इवैल्यूवेशन सिस्टम (Digital Evaluation System) का उपयोग करता है, इसलिए सभी थ्योरी पेपर स्कैन कर लिए गए, और फिर इनका प्रोफेसरों के जरिए ऑनलाइन मूल्यांकन किया गया और उनके नंबर्स कई हफ्ते पहले ही यूनिवर्सिटी के सेंट्रल सॉफ्टवेयर में दर्ज कर दिए गए थे.

प्रैक्टिकल फेज: परीक्षा का दूसरा और फाइनल चरण था, प्रैक्टिकल एग्जाम. प्रैक्टिकल्स की परीक्षाएं 18 जून से 30 जून तक चलीं. आंतरिक और बाहरी परीक्षकों को निर्देश दिया गया था कि वे मंगलवार को हर छात्र की लैब परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद प्रैक्टिकल और वाइवा के अंक सीधे सुरक्षित यूनिवर्सिटी के डिजिटल पोर्टल में दर्ज कर दें.

घड़ी में जैसे ही शाम के 5:30 बजे, सॉफ्टवेयर ने पहले से मौजूद थ्योरी के नंबर्स को हाल ही में सबमिट किए गए प्रैक्टिकल के नंबर्स के साथ जोड़ दिया और फिर सिर्फ 5 मिनट के भीतर फाइनल मार्कशीट अपने आप तैयार कर दी. यह उपलब्धि विश्वविद्यालय प्रशासन की उस तकनीक-आधारित पहल का हिस्सा है जिसका मकसद छात्रों को परिणाम की लंबे समय तक इंतजार करने की चिंता को खत्म करना है.

बेहतरीन योजना-प्रॉपर तैयारी से सफलताः VC

अंग्रेजी वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस ने वाइस चांसलर विद्याशंकर के हवाले से इस उपलब्धि पर कहा, “छात्र को लंबे समय तक अपने परिणाम का इंतजार करना पड़ता था, जिसका सीधा असर उनकी उच्च शिक्षा और प्लेसमेंट की समय-सीमा पर पड़ता है.”

उन्होंने कहा, “बेहतरीन योजना और प्रॉपर डिजिटल तैयारी के साथ, हमने परीक्षा के परिणामों को लगभग तुरंत जारी करने की यह उपलब्धि हासिल की. ​​मैं VTU के पूरे प्रशासनिक कर्मचारियों, परीक्षा अनुभाग और हमारे संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को बधाई देता हूं जिन्होंने इसे संभव बनाने के लिए अथक प्रयास किया.”

परिणाम जारी करने में समय में तेजी से कमी

रजिस्ट्रार (मूल्यांकन) प्रोफेसर उज्ज्वल ने कहा, “हमने डिजिटल इवैलुएशन का तरीका अपनाया और जल्द नतीजे घोषित करने की तैयारी की. यह सभी के सहयोग से ही संभव हो पाया.” यूनिवर्सिटी ने पिछले कुछ शैक्षणिक वर्षों में मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करने में लगने वाले समय को लगातार कम किया है.

2022-23 के छठे सेमेस्टर (41,835 छात्र) में जहां 10 दिनों के अंदर परिणाम घोषित कर दिया गया था, अगले 2 साल 2023-24 और 2024-25 में भी 10 या 11 दिनों में परीणाम घोषित किए गए. लेकिन 2025 (फाइनल साल) में महज 1 घंटे में परिणाम घोषित कर दिया गया. तब 50,321 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे. 2026 (फाइनल साल) में 56,000 परीक्षार्थियों का परिणाम जारी करने में 10 मिनट का वक्त लिया था, लेकिन इस बार महज 5 मिनट में ही यह परिणाम घोषित कर दिया गया.

 

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