Unacademy Story: गौरव ने यूट्यूटब चैनल से की थी शुरुआत, IAS छोड़ आए रोमन संग खड़ा किया एडुटेक साम्राज्य

 Unacademy की स्थापना तीन दोस्त गौरव मुंजाल, रोमन सैनी और हिमेश सिंह ने की थी. इन 3 तीनों दोस्तों की जोड़ी ने एक यूट्यूब चैनल से शुरू हुए सफर को स्टार्टअप से होते ही एक एडुटेक कंपनी तक पहुंचाया है

Unacademy Story: भारत के प्रमुख एडुटेक कंपनी Unacademy बिक गई है. UpGrad ने 200 मिलियन में Unacademy को खरीद लिया है. इस डील को इस सेक्टर की सबसे बड़ी डील मा

ना जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि Unacademy की शुरुआत कभी एक यूट्यूटब चैनल के तौर पर हुई थी. वक्त के साथ ये यूट्यूब चैनल एक स्टार्टअप बना और वहीं सफर में इस स्टार्टअप ने एडुटेक का बड़ा साम्राज्य खड़ा किया. ये कहानी यहीं खत्म नहीं होती है. ये कहानी Unacademy के जुनूनी फाउंडर से शुरू हुई है, जिन्होंने अपने जुनून त्याग और मेहनत की दम पर एक यूट्यूब चैनल को स्टार्टअप में बदला. फिर ये स्टार्टअप देश का सबसे बड़ा एडुटेक प्लेटफॉर्म बना. वहीं अब UpGrad ने 200 मिलियन में इसे खरीदा है.

आइए, जानते हैं कि Unacademy कैसे बनी? सिलेसिलेवार जानते हैं कि Unacademy के फाउंडर कौन हैं. जानते हैं कि क्यों Unacademy के फाउंडर्स के जुनून और त्याग की चर्चा अक्सर होती है..

तीन दोस्तों ने बनाई Unacademy

Unacademy की कहानी के बारे में विस्तार से जानेंगे. इसके फाउंडर्स के जुनून और त्याग की कहानी पर प्रकाश डालेंगे, लेकिन उससे पहले जान लेते हैं कि Unacademy के फांउडर्स कौन हैं. असल में Unacademy तीन दोस्ताें की कंपनी है. इन तीन दोस्ताें में गौरव मुंजाल, रोमन सैनी और हिमेश सिंह शामिल हैं. आइए, अब सिलेसिलेवार Unacademy के तीनों फाउंडर्स और इसके शुरू होने की कहानी के बारे में जानते हैं.

AIIMS से MBBS… IAS की नौकरी, फिर Unacademy से जुड़े रोमन सैनी

Unacademy को विस्तार देने में डॉ. रोमन सैनी की भूमिका अहम मानी जाती है. तो वहीं Unacademy के लिए उनके त्याग की हमेशा से चर्चा होती है. असल में Unacademy के फाउंडर डाॅ. रोमन सैनी विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं. रोमन सैनी ने 16 साल की उम्र में ही AIIMS एंट्रेंस टेस्ट क्लियर कर लिया था, जिसके बाद उन्होंने AIIMS दिल्ली से MBBS किया. 21 साल में डॉक्टरी की डिग्री लेने के बाद AIIMS के राष्ट्रीय नशा मुक्ति उपचार केंद्र (NDDTC) किया. यहां गरीबी और नशा से पीड़ित मरीजों ने उनकी सोच बदल दी. उन्होंने 6 महीने के बाद नौकरी छोड़ दी औरUPSC CSE की तैयारी शुरू कर दी.

डॉ. रोमन सैनी ने एक साल की तैयारी में UPSC CSE क्लियर कर लिया. साल 2011 में 22 की उम्र में वह IAS अधिकारी बन गए. 1 साल 8 महीने तक उन्होंने असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर सेवा दी और फिर नौकरी छोड़ दी और अपने दोस्त गौरव मुंजाल और हिमेश सिंह के साथ मिलकर Unacademy नाम से स्टार्टअप शुरू किया.

गौरव मुंजाल का यूट्यूब चैनल बनाUnacademy स्टार्टअप

Unacademy के फाउंडर गौरव मुंजाल को इसका प्रमुख आधार माना जाता है. इसकी प्रमुख वजह ये है कि गौरव मुंजाल का यूट्यूटब चैनल ही बाद में Unacademy स्टार्टअप बना. असल में गौरव मुंजाल ने साल 2010 में गौरव मुंजाल से एक यूट्यूब चैनल शुरू किया था. गौरव अपने इस यूट्यूब चैनल के माध्यम से ग्राफिक्स बनाना सीखाते थे.

स्कूल खत्म होने के बाद गौरव मुंजाल बीटेक करने के लिए NMIMS यूनिवर्सिटी मुंबई चले गए. काॅलेज के साथ-साथ गौरव ने अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड करना जारी रखा. बीटेक पूरा करने के बाद गौरव ने Flatchat की शुरुआत की तो फिर उन्होंने Directi में नौकरी भी की, लेकिन इस दौरान भी वह अपने यूट्यूब चैनल पर पढ़ाई से जुड़े वीडियो अपलोड करते रहे.

इन्हीं दोनों गौरव की मुलाकात अपने फ्रेंड्स डॉ. रोमन सैनी और हिमेश सिंह से हुई. तीनों ने साथ मिलकर काम करने की योजना बनाई. इसी कड़ी में साल 2014 में यूट्यूब चैनल पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से जुड़े अपलोड किए जाने लगे. इससे चैनल में सब्सक्राइबर्स जुड़ने लगे. 2015 में डॉ. रोमन सैनी नौकरी छोड़ कर उनके साथ जुड़े. इसी कड़ी में10 दिसंबर 2015 को गौरव, रोमन और हिमेश ने मिलकर Unacademy स्टार्टअप की शुरुआत की. गौरव मुंजाल के यूट्यूब चैनल का नाम बदलकर Unacademy किया गया.

हिमेश सिंह ने Unacademy को दी तकनीकी उड़ान

Unacademy के तीसरे फाउंडर हिमेश सिंह को Unacademy को तकनीकी उड़ान देने वाले फांउडर के तौर पर जाना जाता है. असल में हिमेश सिंह और गौरव ने पहले मिलकर ‘Flatchat’ नाम का स्टार्टअप शुरू किया था, जिसे बाद में बेच दिया गया. फिर गौरव और रोमन के साथ मिलकर उन्हेंUnacademy की नींव रखी, जिससे यूट्यूटब चैनल से एडूटेक बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई.


Post a Comment

0 Comments

Youtube Channel Image
JobWaleBaba Subscribe To watch more Sarkari Job
Subscribe