सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र से अपने शिक्षकीय सफर की शुरुआत करने वाले शिक्षक नेमसिंह साहू पिछले 18 वर्षों से छात्राें के बेहतर भविष्य के निर्माण में जुटे हैं
केमिस्ट्री को कठिन विषयों में से एक माना जाता है. केमिस्ट्री के जटिल फॉर्मूलों को याद करने में अच्छे-अच्छे लोगों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन अगर जटिल केमिस्ट्री को कोई आसान बनाए तो वह आसान हो जाती है. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालोद में ऐसे ही एक शिक्षक पिछले कई सालों से पढ़ाने के अपने तरीके से छात्रों के लिए केमिस्ट्री को आसान बनाए हुए हैं. ये शिक्षक नेम सिंह साहू हैं, जो कविता और दोहाें के माध्यम से केमिस्ट्री पढ़ाते हैं. छत्तीसगढ़ सरकार ने नेम सिंह की इस विशेषता को सम्मानित करने का फैसला लिया है, जिसके तहत उन्हें अब 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल टीचर अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. सुकमा के शिक्षक नेम सिंह साहू के बारे में जानते हैं. जानते हैं कि वह दोहो और कविता के माध्यम से कैसे केमिस्ट्री पढ़ाते हैं. विस्तार से पूरा मामला समझते हैं.
केमिस्ट्री के पीरियोडिक टेबल को याद करने का तरीका ईजाद किया
केमिस्ट्री के पीरियोडिक टेबल को कठिन माना जाता है. पीरियोडिक टेबल में 118 रासयनिक तत्वों के नाम होते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे बालोद के बालोद के स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल में सेवा दे रहे शिक्षक नेम सिंह साहू ने छात्रों के लिए इसे याद करना आसान बना दिया है. उन्होंने पीरियोडिक टेबल में शामिल 118 रासयनिक तत्वों को याद कराने की अनूठी तकनीक बनाई है, जिसे अलग पहचान मिली है.
नेम सिंह की शिक्षण शैली से छात्रों के लिए आसान हुई केमिस्ट्री
नेम सिंह की शिक्षक शैली के मुरीद शिक्षाविद ही नहीं छात्र भी हैं. छात्रों का कहना है कि उनकी शिक्षण शैली की वजह से केमिस्ट्री आसान लगती है. छात्रों ने TV9 से बातचीत में बताया कि कविता और दोहों के जरिए पढ़ाए जाने से केमिस्ट्री जैसा कठिन विषय भी उन्हें आसान और रोचक लगता है.
18 साल से पढ़ा रहे, सुकमा से बालाेद तक सेवाएं दी
छत्तीसगढ़ में शासकीय शिक्षक के तौर पर सेवा दे रहे नेम सिंह पिछले 18 सालों से पढ़ा रहे हैं. इन 18 सालों में नेम सिंह साहू ने छत्तीसगढ़ के सुकमा से बालोद जैसे क्षेत्रों में सेवाएं दी और कई छात्रों के जीवन में बदलाव लाने में भूमिका निभाई है.
स्काउट गाइड में भी अहम भूमिका
बालोद के स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल में सेवा दे रहे शिक्षक नेम सिंह साहू ने स्काउट-गाइड के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया. उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए 40 से अधिक छात्र राज्यपाल से सम्मानित हो चुके हैं. तो वहीं पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति अभियान और तिरंगा यात्रा जैसे सामाजिक अभियानों में भी वे छात्रों के साथ सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं.
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