KGMU दीक्षांत समारोह में 19 मेडल जीतने वाली MBBS स्टूडेंट दीप्ति शर्मा कौन हैं? संस्थान के इतिहास में दर्ज में हुआ उनका नाम

KGMU से MBBS पूरा करने वाली दीप्ति शर्मा अब मेडिकल में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) करना चाहती हैं. दीक्षांत समारोह में उन्हें कुल 19 मेडल प्रदान किए, जिसमें प्रतिष्ठित हीवेट मेडल, चांसलर मेडल और यूनिवर्सिटी मेडल भी शामिल हैं.

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का बीते दिनों 22वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. इस दौरान कई MBBS स्टूडेंट्स को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, लेकिन इन सब स्टूडेंट्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में MBBS स्टूडेंट दीप्ति शर्मा रही हैं. समारोह के मंच से जैसे ही उनका नाम पुकारा गया, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. इसकी वजह सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि कुल 19 पदकों की ऐतिहासिक उपलब्धि थी. दीप्ति ने प्रतिष्ठित हीवेट मेडल, चांसलर मेडल और यूनिवर्सिटी मेडल समेत 19 पुरस्कार अपने नाम किए.इसके साथ ही वह KGMU के इतिहास में इन तीनों सर्वोच्च सम्मानों को एक साथ हासिल करने वाली सातवीं स्टूडेंट बन गईं.
यह उपलब्धि केवल दीप्ति शर्मा के लिए ही नहीं, बल्कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के इतिहास में भी एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है. दीप्ति शर्मा अब पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनने का सपना केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी है.

मंच पर गूंजती रहीं तालियां

दीक्षांत समारोह के दौरान जब एक-एक कर दीप्ति शर्मा के नाम की घोषणा होती गई, तो पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा. KGMU की सालों पुरानी परंपरा के अनुसार हीवेट मेडल प्राप्त करने वाले छात्र के सम्मान में मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि, शिक्षक, छात्र और अभिभावक सभी अपनी सीटों से खड़े होकर सम्मान व्यक्त करते हैं. दीप्ति के सम्मान में भी यही परंपरा निभाई गई.


19 मेडल जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड

दीप्ति शर्मा ने जिन प्रमुख सम्मानों पर कब्जा जमाया, उनमें शामिल हैं- हीवेट मेडल, चांसलर मेडल, यूनिवर्सिटी मेडल, विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कई गोल्ड मेडल, नकद पुरस्कार और बुक प्राइज. कुल मिलाकर उन्होंने 19 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया.


कौन हैं दीप्ति शर्मा?

दीप्ति शर्मा एक साधारण परिवार से आती हैं, लेकिन उनकी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें असाधारण उपलब्धि दिलाई. पिता अनुज कुमार शर्मा भारतीय वायुसेना से रिटायर हैं. माता सुषमा शर्मा ने हमेशा उनकी पढ़ाई में सहयोग किया. बड़ी बहन रुचिका शर्मा हरियाणा सरकार में पशु चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं. दीक्षांत समारोह में दीप्ति अपनी मां के साथ मंच पर सम्मान ग्रहण करने पहुंचीं. यह पल पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण था.

बचपन से ही थीं मेधावी

दीप्ति शर्मा का शैक्षणिक रिकॉर्ड शुरू से ही शानदार रहा है. उन्होंने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों में भी उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था. दीप्ति का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता… नियमित पढ़ाई, समय पर रिवीजन और अनुशासित दिनचर्या ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही. दीप्ति के मुताबिक, ‘पढ़ाई मेरे लिए केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि सीखने और बेहतर डॉक्टर बनने का रास्ता है.’


क्या है हीवेट मेडल?

KGMU का हीवेट मेडल विश्वविद्यालय का सबसे प्रतिष्ठित छात्र सम्मान माना जाता है. यह केवल उसी छात्र या छात्रा को दिया जाता है जिसने संपूर्ण एमबीबीएस पाठ्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो. इसके अलावा चांसलर मेडल और यूनिवर्सिटी मेडल भी विश्वविद्यालय के सर्वोच्च सम्मानों में गिने जाते हैं. तीनों पुरस्कार एक साथ हासिल करना बेहद दुर्लभ उपलब्धि है.


कुलपति ने बताई KGMU की नई उपलब्धियां

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए KGMU की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. उन्होंने बताया कि 60 नई पीजी सीटें बढ़ाई गई हैं, हार्ट ट्रांसप्लांट और लंग ट्रांसप्लांट की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, साथ ही चिकित्सा शोध को और मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

 

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