छत्तीसगढ़ की बेटी श्रेया श्रुति मिश्रा बनीं वर्ल्ड टॉपर, IB डिप्लोमा में 45 में से 45 नंबर लाकर रचा इतिहास

श्रेया श्रुति मिश्रा ने IB डिप्लोमा में 100 फीसदी स्कोर हासिल करने के साथ-साथ ही दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी से एडमिशन सुनिश्चित किया है. इसके साथ ही उन्हें स्कॉलरशिप भी मिली है. वो अब यूसीएलए University of California, Los Angeles से बैचलर्स करेंगी.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जन्मी श्रेया श्रुति मिश्रा वर्ल्ड टॉपरी बनीं हैं. कोयंबटूर के चिन्मया इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल (CIRS) की छात्रा श्रेया ने इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम में 45 में से पूरे 45 नंबर हासिल किए हैं. इस असाधारण उपलब्धि के साथ ही श्रेया श्रुति मिश्रा ने दुनिया भर में अपना और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है. इस उपलब्धि के साथ वह दुनिया भर के चुनिंदा टॉपर छात्रों के समूह में शामिल हो गई हैं. श्रेया की इस सफलता के पीछे उनकी जिज्ञासा, अनुशासन, मेहनत और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण है. परिवार का साथ और चिन्मया स्कूल का सहयोगी माहौल भी इसमें अहम रहा. उनकी ये कामयाबी छत्तीसगढ़ और पूरे देश के छात्रों को लगन और ऑलराउंड डेवलपमेंट के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि IB डिप्लोमा प्रोग्राम क्या है. जानते हैं कि किस सब्जेक्ट काम्बिनेशन के साथ श्रेया ने 100 फीसदी नंबर हासिल किए हैं. जानते हैं कि रायपुर में जन्मी श्रेया कब और कोयंबटूर गई.

IB डिप्लोमा क्या है और इसमें 45/45 क्यों है खास?

IB डिप्लोमा दुनिया की सबसे कठिन स्कूल योग्यताओं में से एक माना जाता है. असल में IB डिप्लोमा एक ग्लोबल एजुकेशन दो साल का सिलेबस है. इसमें 16 से 19 यानी 11वीं और 12वीं के छात्र शामिल होते हैं. ग्लोबल यूनिवर्सिटी इसके स्कोर को वैल्यू देती हैं. इस प्रोग्राम में शामिल होने वाले छात्रों को भाषा और साहित्य, भाषा अधिग्रहण, व्यक्ति और समाज, विज्ञान, गणित और कला जैसे 6 विषयों में से विषय चुनने होते हैं. हर साल लाखों छात्रों में से सिर्फ बहुत कम ही 45/45 का परफेक्ट स्कोर ला पाते हैं.

सबसे कठिन सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन के साथ टॉप स्कोर

श्रेया की ये उपलब्धि इसलिए और खास है क्योंकि उन्होंने बहुत डिमांडिंग सब्जेक्ट चुने थे. हाई लेवल HL पर गणित, फिजिक्स और इकोनॉमिक्स पढ़ी. वहीं स्टैंडर्ड लेवल SL पर केमिस्ट्री, इंग्लिश और हिंदी ली. ये कॉम्बिनेशन उनकी जबरदस्त एनालिटिकल क्षमता और अकादमिक श्रेष्ठता दिखाता है.

रायपुर से कोयंबटूर तक का सफर

रायपुर में जन्मी श्रेया ने शुरुआती पढ़ाई ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी, रायपुर से की. क्लास 3 तक वहीं पढ़ीं. फिर क्लास 6 में चिन्मया इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल, कोयंबटूर में एडमिशन लिया. क्लास 10 तक CBSE से पढ़ाई के बाद उन्होंने क्लास 11-12 के लिए दुनिया के सबसे कठिन प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स IB डिप्लोमा चुना. खुद को इस नए सिस्टम में ढालकर उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत से कुछ भी मुमकिन है.

पढ़ाई के साथ-साथ ऑलराउंडर भी हैं श्रेया

श्रेया सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि थिएटर, खेल और स्टूडेंट लीडरशिप में भी एक्टिव रही हैं. आत्मविश्वास, क्रिएटिविटी, टीमवर्क और जिम्मेदारी की भावना उनकी पहचान है. IB प्रोग्राम की होलिस्टिक डेवलपमेंट की सोच को उन्होंने सच कर दिखाया.

IAS-IPS हैं माता-पिता

श्रेया की मां सोनल वर्मा मिश्रा तमिलनाडु कैडर की IPS अधिकारी हैं और अभी CRPF, नई दिल्ली में इंस्पेक्टर जनरल के पद पर हैं. पिता संतोष मिश्रा IAS अधिकारी रह चुके हैं और सरकार में कई सीनियर पदों पर काम कर चुके हैं. दोनों ने कई साल छत्तीसगढ़ में भी सेवाएं दी हैं.

 

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