दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में आरक्षित सीटों पर एडमिशन का इंतजार कर रहे अभिभावकों के लिए अच्छी खबर है. शिक्षा निदेशालय (DoE) ने एकेडमिक ईयर 2026-27 के लिए ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के दूसरे कंप्यूटरीकृत ड्रा का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस चरण में 8,976 बच्चों को नर्सरी, केजी और कक्षा 1 में सीटें आवंटित की गई हैं.
खाली सीटों के लिए निकाला गया दूसरा ड्रा
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों में रिजर्व सीटों पर एडमिशन के लिए दूसरे चरण का कंप्यूटरीकृत ड्रा आयोजित किया है. पहले चरण की लॉटरी 6 अप्रैल 2026 को हुई थी, लेकिन कई सीटें डॉक्यूमेंट्स की कमी या अभिभावकों के समय पर रिपोर्ट नहीं करने के कारण खाली रह गई थीं. इन्हीं खाली सीटों को भरने के लिए दूसरी लॉटरी कराई गई. इस बार कुल 8,976 बच्चों का चयन किया गया है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके.
खाली सीटों के लिए निकाला गया दूसरा ड्रा
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों में रिजर्व सीटों पर एडमिशन के लिए दूसरे चरण का कंप्यूटरीकृत ड्रा आयोजित किया है. पहले चरण की लॉटरी 6 अप्रैल 2026 को हुई थी, लेकिन कई सीटें डॉक्यूमेंट्स की कमी या अभिभावकों के समय पर रिपोर्ट नहीं करने के कारण खाली रह गई थीं. इन्हीं खाली सीटों को भरने के लिए दूसरी लॉटरी कराई गई. इस बार कुल 8,976 बच्चों का चयन किया गया है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके.
किस कक्षा में कितने बच्चों को मिला एडमिशन?
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, नर्सरी में ईडब्ल्यूएस और डीजी श्रेणी के 3,420 बच्चों तथा सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के 190 बच्चों का चयन हुआ है. केजी में ईडब्ल्यूएस/डीजी के 1,210 और सीडब्ल्यूएसएन के 107 बच्चों को सीट मिली है. वहीं कक्षा 1 में ईडब्ल्यूएस/डीजी श्रेणी के 3,856 और सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के 193 बच्चों का चयन किया गया है. सभी चयन पूरी तरह कंप्यूटर आधारित पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किए गए हैं.
एज लिमिट और डॉक्यूमेंट्स
ईडब्ल्यूएस और डीजी श्रेणी के लिए 31 मार्च 2026 के आधार पर नर्सरी में 3 से 5 वर्ष, केजी में 4 से 6 वर्ष और कक्षा 1 में 5 से 7 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है. दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के पास सरकारी अस्पताल से जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना जरूरी है. यदि जांच में गलत पता या फर्जी डॉक्यूमेंट्स पाए जाते हैं तो आवंटित सीट तुरंत रद्द कर दी जाएगी.
ऐसे देखें रिजल्ट
अभिभावक अपना रिजल्ट शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके देख सकते हैं. चयनित अभिभावकों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भी सूचना भेजी जा रही है. अब उन्हें तय समय के भीतर संबंधित स्कूल में जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
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