IIT मद्रास: 2000+ नौकरियों के ऑफर, 538 छात्रों ने चुनी हायर स्टडी, 76 ने बनाया खुद का स्टार्टअप

 आईआईटी मद्रास ने 2024-25 बैच के छात्रों के करियर को लेकर आंकड़े जारी किए हैं. संस्थान के अनुसार, इस वर्ष पासआउट हुए छात्रों में से 92 प्रतिशत से ज्यादा ने अपने करियर की दिशा तय कर ली है. बड़ी संख्या में छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट मिला, जबकि कई स्टूडेंट्स ने हायर एजुकेशन, स्टार्टअप और प्रतियोगी परीक्षाओं का रास्ता चुना. करियर पाथवे सेंटर (सीपीसी) की मदद से छात्रों को रोजगार, एंटरप्रेन्योरशिप और हायर एजुकेशन के लिए गाइडेंस दी गई. डिपार्टमेंट वाइज आंकड़ों में भी कई ब्रांचों ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे आईआईटी मद्रास की मजबूत एजुकेशनल और इंडस्ट्री से जुड़ी व्यवस्था का पता चलता है



92 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने चुना अपना करियर पथ

कुल 3,230 छात्रों में से अधिकांश ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की दिशा तय कर ली है. संस्थान द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 2,196 छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट के जरिए नौकरी के प्रस्ताव मिले. वहीं 538 स्टूडेंट्स ने हायर एजुकेशन के लिए एडमिशन लिया, 76 छात्रों ने अपना स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया और 171 छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं.

करियर पाथवे सेंटर निभा रहा अहम भूमिका

संस्थान का करियर पाथवे सेंटर (सीपीसी) केवल नौकरी दिलाने तक सीमित नहीं है. यह छात्रों को इंडस्ट्री जगत से जोड़ने, स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग देने और करियर संबंधी गाइडेंस देने करने का काम भी करता है. इसके माध्यम से स्टूडेंट्स को रोजगार, हायर एजुकेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और सरकारी सेवाओं जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ने में मदद मिलती है.

इन विभागों का रहा सबसे शानदार प्रदर्शन

डिपार्टमेंट वाइज आंकड़ों में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग सबसे आगे रहा, जहां 99.53 प्रतिशत छात्रों ने करियर के मौके हासिल किए. इसके बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 97.86 प्रतिशत और मैनेजमेंट स्टडीज में 96.90 प्रतिशत सफलता दर्ज की गई. फिजिक्स, सिविल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग डिजाइन, मैकेनिकल, एयरोस्पेस और केमिकल इंजीनियरिंग विभागों ने भी 90 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट हासिल किए.

कुछ नए और अन्य विभागों का प्रदर्शन

डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए प्रोग्राम में 83.33 प्रतिशत रिजल्ट दर्ज किया गया. वहीं बायो टेक्नोलॉजी, मैथ्स और एप्लाइड मैकेनिक्स एवं बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभागों के आंकड़े 85 प्रतिशत से नीचे रहे. इसके अलावा धातुकर्म, मटेरियल इंजीनियरिंग, ह्यूमैनिटीज, केमिस्ट्री और महासागर इंजीनियरिंग विभागों का प्रदर्शन भी संतोषजनक रहा.

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