उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में पशु चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्रों को बड़ी सौगात दी है. योगी सरकार ने कैबिनेट में इन छात्रों को इंटर्नशिप के बदले मिलने वाले स्टाइपेंट में तीन गुना की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है.
माना जा रहा है कि योगी सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के पशु चिकित्सा छात्रों को बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा और उनका मनोबल भी बढ़ेगा. आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं.
दुग्ध विकास मंत्री ने क्या कहा?
इस फैसले को लेकर यूपी के दुग्ध विकास एवं पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश विशाल जनसंख्या, बड़ी पशुधन संख्या और विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र वाला राज्य है. प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका है. ऐसे में पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण, विभिन्न पशु महामारियों के नियंत्रण और उन्मूलन तथा उन्नत नस्लों के संवर्धन में पशु चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है.
उन्होंने बताया कि कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उत्तर प्रदेश पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान, आचार्य नरेंद्र देव यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी तथा सरदार वल्लभभाई पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी में अध्ययनरत पशु चिकित्सा छात्रों को अब बढ़ा हुआ इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा.
300 से अधिक स्टूडेंट्स को होगा फायदा
यूपी सरकार के अनुसार वर्तमान में इन छात्रों को 4,000 रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता दिया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है. इस निर्णय से तीनों यूनिवर्सिटी में अनुमोदित 300 छात्रों को लाभ मिलेगा. पशुपालन मंत्री ने कहा कि हरियाणा, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में अधिक इंटर्नशिप भत्ता दिए जाने का अध्ययन करने के बाद यह फैसला लिया गया है.
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव लागू होने पर सरकार पर लगभग 4.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा, जिसकी व्यवस्था विश्वविद्यालयों को दिए जाने वाले शासकीय अनुदान के गैर-वेतन मद से की जाएगी. इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा, शिक्षा के प्रति रुचि और कार्य के प्रति उत्साह बढ़ेगा तथा समानता के सिद्धांत को भी मजबूती मिलेगी. मंत्री धर्मपाल सिंह ने इसे समानता के सिद्धांत के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.
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